बुधवार, 18 अगस्त 2021

 

श्री कृष्ण जन्माष्टमी

 

रक्षा बंधन का त्योहार 22 अगस्त 2021 को मनाया जाएगा। राखी का त्योहार श्रवण नक्षत्र में मनाया जाता है। लेकिन इस साल धनिष्ठा नक्षत्र में मनाया जाएगा। शोभन योग बनने से भी इस त्योहार का महत्व बढ़ रहा है। इस साल रक्षा बंधन के दिन कुंभ राशि में गुरु वक्री चाल चलेंगे और यही पर चंद्रमा भी विराजमान रहेगा।

, रक्षा बंधन का त्योहार राजयोग भी लेकर आएगा। इस दिन गुरु और चंद्रमा के एक ही राशि में विराजमान होने से गजकेसरी योग बन रहा है। मान्यता है कि गजकेसरी योग में व्यक्ति की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दौरान जातक को धन, मकान और वैभव की प्राप्ति होती है।

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भक्त सुबह से ही अपने घर के पूजा स्थलों को साफ़ करके यह पर्व मनाने की तैयारी करते हैं. उन्हें सजाने के लिए विभिन प्रकार के वस्त्रों अन्य सामानों को लेकर आते हैं. मान्यताओं के अनुसार, जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण का पूर्ण श्रृंगार कर पूजन करने से वे बहुत प्रसन्न होते हैं. और भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी करते हैं

सालों बाद बन रहा ये संयोग-

रक्षा बंधन पर ग्रहों का ऐसा संयोग करीब 474 साल बाद बन रहा है। इसके पहले ग्रहों की ऐसी स्थिति 11 अगस्त 1547 को बनी थी। जब धनिष्ठा नक्षत्र में राखी का त्योहार मनाया गया था। सूर्य, मंगल और बुध सिंह राशि में आए थे।

 

इसका महत्व-

जानकारों की मानें तो रक्षा बंधन पर ऐसा संयोग भाई-बहन के लिए लाभकारी और कल्याणकारी साबित होगा। इस दौरान खरीदारी के लिए भी राजयोग शुभ माना जा रहा है।

 

राखी का शुभ समय-

भद्रा- 23 अगस्त को सुबह 5 बजकर 34 मिनट से 06 बजकर 12 मिनट तक।

राखी बांधने का शुभ समय- 22 अगस्त को सुबह 5 बजकर 50 मिनट से शाम 6 बजकर 3 मिनट तक।

कुल अवधि- 12 घंटे 13 मिनट।

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